बिहार विधान सभा चुनाव के नतीजे

 जैसा ! कि आप सब जानते हैं कि आज कल बिहार में चुनावी माहौल काफी गरम है। 

एक तरफ BJP और JDU की नेतृत्व वाली संगठन NDA यानि ( National Democratic Alliance) है तो वही दूसरी तरफ Congress और RJD की संगठन "महागठबंधन" है। साथ ही कुछ ऐसी पार्टियां है जिन्होंने पहली बार अपनी उम्मीदवार को उतारे हैं जिसमें असदुदीन ओवैसी की पार्टी AIMIM है और कुछ सीटें भी हासिल की हैं। इस बार बिहार चुनाव में BJP एक बड़ी पार्टी बन कर उभरी है और अपनी सहयोगी पार्टी नितीश कुमार की अगुवाई वाली पार्टी JDU से भी ज्यादा सीट हासिल की है। वही बात अगर करें राजद की तो उसने भी अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस से ज्यादा सीट अपने खाते मे की है। 





आज दिन भर चुनावी नतीजे को लेकर टी वी चैनलों से लेकर पार्टी कार्यालयों में चहल कदमी दिखी तो वही शाम तक कुछ पार्टि कार्यकर्ताओं ने वोटों की गिनती पर सवाल उठाये। फिर बाद चुनाव आयोग ने आकर उठाये गए सवालों पर अपनी सफ़ाई दी। 

राजद और कांग्रेस ने वोटों की गिनती पर धांधली के आरोप लगाए। 

वैसे तो इस बार बिहार चुनाव में सभी पार्टियो ने जम कर चुनाव प्रचार किया और कोई कसर नहीं छोड़ी थी। एक तरफ कांग्रेस ने अपने, 30 से भी ज्यादा स्टार प्रचारक उतारे तो वहीं BJP ने भी प्रधानमंत्री से लेकर कई राज्यों के अपने मुख्यमंत्रियो और मंत्रियों को भी बिहार चुनाव प्रचार मे स्टार प्रचारक के बनाया था। 

नितीश कुमार का ये अंतिम चुनाव ! 

बिहार चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण में मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने ये ऐलान किया की ये उनका आखिरी चुनाव है और बोला की इस बार हमें जिताएं क्योंकि अंत भला तो सब भला। खैर! ये तो जनता जनार्दन के हाथ में है वो किसे पहला मौका देती है और किसी आखिरी। आखिरकार नितीश कुमार की पार्टी उतनी सीट हासिल न कर पायी जितनी नितीश कुमार और JDU सोचे थे। और उससे ज्यादा सीट BJP जीतकर बड़े भाई की भूमिका निभा रही है। लेकिन जैसा की NDA का चुनावी घोषणा पत्र में ये दावा था की सीटों की संख्या चाहे जो भी हो, अगर NDA बहुमत में आती है तो बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ही होंगे। लेकिन अब देखना यह है की ये दावा किस हद तक कारगर और सटीक साबित होता है क्योंकि इसक पहले भी नितीश कुमार बहुत कम सीटें आने के कारण मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर जीतन राम मांझी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया था। तो क्या इस बार भी नितीश कुमार मुख्यमंत्री पद की कुर्बानी देंगे ? या BJP को अपने उम्मीदवार को मुख्यमंत्री बनाने देंगे क्योंकि उनसे ज्यादा सीटें BJP के खाते में आई है। या पिछड़ी जाति से किसी को मुख्यमंत्री बनाया जायेगा क्योंकि NDA की सहयोगी पार्टी HAM ( Hindustani Aawam Morcha) सुप्रीमो जीतन राम मांझी भी कुछ सीटें जीतकर आये हैं। 

अगर BJP पिछड़ी जाति के किसी को मुख्यमंत्री बनाती है तो ये काम BJP का नारा "सबका साथ सबका विकास" को एक कदम आगे की ओर बढ़ान में एक प्रयास साबित होगा। 

मतदाताओं में दिखी मोदी लहर की असर

वैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रैलियों में उमड़े जन सैलाब को देख कर पहले से ही ये कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार बिहार चुनाव में मोदी लहर बहुत ही असरदार साबित होगा और वैसा हुआ भी। ये सब देखकर लगत है कि लोगों में मोदी लहर की जबरदस्त क्रेज़ है। और उसका अंदाजा भी आज के चुनावी नतीजे को देखकर लगाया जा सकता है। 








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