नारी सशक्तिकरण (Women Empowerment)

दोस्तों, आप सब रोज टेलीविजन देखते होंगे। आज हम सब टी वी  रोज कोई न कोई प्रोग्राम देखते रहते हैं।  जिसमे अलग अलग तरीके का प्रोग्राम या धारावाहिक आते रहता है।  आज हर  क्षेत्र में नारी की भागीदारी हो रही है और बढ़ चढ़ कर भागीदारी हो रही है।  ये सब होना भी चाहिए क्यूंकि ये भागीदारी बहुत जरुरी है अपने खुद के विकाश के लिए परिवार के विकाश के लिए और जो सबसे ऊपर है वो है देश की विकाश के लिए। 
जब तक हर काम में हर क्षेत्र में महिला भागीदारी नहीं होगी तो तब आगे बढ़ना बड़ी मुश्किल है, चाहे वो कोई  भी क्षेत्र हो या कोई भी काम हो। 

महिला  सशक्तिकरण 

सशक्तिकरण का तात्पर्य खास कर उन लोगों से हैं  जो अपने मूल अधिकारों से वंचित रह जाते हैं या उन्हें अपने अधिकारों का आभास नहीं होता। ऐसे लोग मूल भुत सुविधाओं के होते हुए भी उसका फायदा नहीं उठा पाते।  आज संसार भर में नारी सशक्तिकरण को लेकर तरह तरह के कार्यक्रम सरकार द्वारा चलाया जा रहा है जिसमें महिलाएं बढ़ कर भाग ले रहीं हैं और और पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर चल रहीं हैं और हर क्षेत्र में अपना नाम रौशन कर  रही हैं।  


आज हमारे देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा यु पी  एस सी  हो, भारतीय प्रबंधन संसथान द्वारा संचालित परीक्षा कैट हो या मैट हो, या फिर इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी परीक्षा आई आई टी हों।  सबमें हमारे देश की महिलाओं  भागीदारी अछि हो गयी है और उसका परिणाम भी बहुत अच्छा आ रहा है। 
सरकारी नौकरी हो या फिर निजी क्षेत्रों के कोई भी उपक्रम हो उसमें भी महिलाओं की बराबरी बहुत हीं  ठीक है। 
दोस्तों, एक समय  था जब बहुत ही कम  महिलाएं पढ़ी लिखी होती थीं और इससे काफी उनको मुश्किलें भी होती थीं। तब मोबाइल या  टेलीफोन का उतना बोलबाला नहीं था और गाँव इलाकों में जब भी घर के कोई भी परदेश  में रह रहे व्यक्ति को खत लिखना होता था तो काफी मुश्किलें होती थीं और फिर ढूंढा जाता था की घर का पढ़ा लिखा सदस्य घर पर हैं या घर से बाहर गए हैं।  और उनके आने का इंतजार होता था।दिक्कत तो ये होती थी की बहुत सी औरतें चाह कर भी अपने पति को कुछ नहीं लिख पाती  थीं क्यूंकि खत उनको खुद नहीं लिखना था किसी अन्य व्यक्ति से लिखवाना था।
आज मगर स्थिति बदल गयी है।  महिलाएं अब पढ़ लिख भी ले रही हैं और हर क्षेत्र में बढ़ चढ़ केर भाग भी ले  रही हैं और  हर क्षेत्र में अच्छा भी कर रही हैं।
हम टी वी शो पर भी देख रहे हैं की महिलाएं बहुत आगे आकर उसमें भाग ले रही हैं।  हम के बी सी  का उदाहरण ले लें तो देखते हैं कि उसमें भी महिलाएं काफी आगे आ रही हैं और इनाम की राशि  भी उनका पुरुषों की तुलना में बराबर और काफी हद तक उनसे ज्यादा ही  रहता है।  इसको हम एक क्रांति के तौर पर देख सकते हैं। इसमें सरकार  की भी बहुत बड़ी भूमिका रहती है। सरकार  ने अगर कुछ कुछ क्षेत्रों में रिज़र्व नहीं रखा होता तो नारी शशक्तिकरण उतने तेजी से कामयाब नहीं होता।
बैंकिंग  क्षेत्र में हम देख रहे हैं कि  महिलाएं बराबर की भागिदार हैं। कुछ कुछ बैंकों के मालिक भी तो कोई महिला ही हैं।  बी पी  ओ  सेक्टर में भी महिलाएं बराबर की भागीदार हो रही हैं। It Enabled Services में भी महिलाओं का खास योगदान है।  Defense Sector में भी महिलाएं पीछे नहीं हैं।
हम मिलाजुला कर ये कह सकते हैं की राष्ट्र निर्माण में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। वो भी पुरुषों के साथ कदम से कदम मिला कर चल रही हैं।

  

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1 Comments

  1. नारी सशक्तिकरण बहुत ही जरूरी है देश के विकास के लिए

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